Wednesday, November 5, 2008

मैं तुम्हारा हूँ ऐसा दीवाना मेरी जान

तुम्हे कैसे मैं बताऊँ तुम्हे कैसे मैं कहूँ
मेरे बस में अगर हो तो मैं बस इतना ही करूं
तुम्हे दिन भर तुम्हे हर पल देखता ही मैं रहूँ
तुम्हे देखूं तुम्हे चाहूँ तुम्हे पूजूं हर पल
तुम्हे सोचूं तुम्हे समझूँ तुम्हे माँगू हर पल
तुम्हे मैं गुन्गुनाऊँ तुम्हे गाऊँ हर पल
मैं तुम्हारा हूँ ऐसा दीवाना मेरी जान


मेरा मरना भी तुम्ही हो मेरा जीना भी हो तुम
मेरी मदिरा भी तुम्ही हो मेरा पीना भी हो तुम
मेरी चांदी भी तुम्ही हो मेरा सोना भी हो तुम
मेरा हँसना भी तुम्ही हो मेरा रोना भी हो तुम
मेरी सारी सांसों में तुम जैसे हो घुली
मेरी आँखें तुम्हे देखें चाहे बंद हो या खुली
मैं तुम्हारा हूँ ऐसा दीवाना मेरी जान


मेरे दिल में है ये अरमान तुम्हे एक दिन पाऊँ
इस अम्बर से भी आगे तुम्हे लेकर जाऊं
जहाँ राहों में हो बिखरे सब चांद और तारे
जहाँ गीतों के बहते हों मीठे धारे
जहाँ ख्वाबों कि दुनिया कभी सोयी नहीं हो
जहाँ तुम हो जहाँ मैं हूँ और कोई नहीं हो
मैं तुम्हारा हूँ ऐसा दीवाना मेरी जान

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